बीवी की हॉट सहेली को चोदा
वाइफ की हॉट फ्रेंड सेक्स कहानी में मेरी बीवी की सहेली हमारे घर आई. मैं अपने लंड की तेल मालिश कर रहा था. उसने देख लिया. उसके बाद वह मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी.
नमस्कार, मैं संजय दिल्ली से हूँ।
आप लोगों ने मेरी पिछली कहानी पढ़ी होगी, जिसमें साली की चुदक्कड़ ननद को चोदा गया था।
यह मेरी बीवी की सहेली की हॉट फ्रेंड सेक्स कहानी है।
एक दिन मैं नहाकर निकला तो मैंने देखा कि मेरी पत्नी की दोस्त घर पर आई हुई थी।
मेरी भी दूर की रिश्तेदारी है।
नहाने के बाद मैं पूरे शरीर पर सरसों का तेल लगाता हूँ, खासकर अपने लंड पर।
मैं उस दिन भी ऐसा ही कर रहा था।
जब मैं दूसरे कमरे में तेल लगा रहा था, मेरी बीवी की सहेली उसी समय मेरे कमरे में बाथरूम जाने आई।
मैंने अपने लंड पर तेल लगाया जब वह आई।
जब वह बाथरूम में चली गई, शायद उसने मुझे देखा।
बाथरूम से बाहर निकलने पर मैं पूजा पर बैठ गया।
पूजा के बाद भोजन करने लगा।
उसकी आँखें खाने के दौरान दो या तीन बार मेरी आँखों से मिलीं।
और हर बार वह मुस्कराती रहती थी।
मैंने शादी से पहले और बाद में कई चूतें चोदी हैं, इसलिए मुझे लगता था कि ये चूतें भी मेरे लंड के नीचे आ सकती हैं।
थोड़ी देर बाद मैं चला गया।
मैंने उसका नंबर चुराकर व्हाट्सएप पर मैसेज किया जब शाम को घर लौटा।
कुछ देर बाद उत्तर आया।
बातों-बातों में उसने बताया कि उसके पति अक्सर दिल्ली से बाहर जाते हैं और मार्केटिंग में काम करते हैं।
उसने बताया कि उसके पति दो दिन बाद उत्तराखंड जा रहे हैं।
मजाक करते हुए मैंने लिखा, “फिर तो दो दिन तक भूखी रह जाओगी!”
मैंने हँसकर कहा, “जरूरत पड़े तो बताना, क्योंकि तुम्हारी सहेली मुझे ठंडा नहीं कर पाती!“हाँ, मैं जानता हूँ! वह आपके हर कदम की जानकारी मुझे देती है!”
मैंने उसे कुरेदकर पूछा, लेकिन उसने बात करते समय थोड़ा शरमा लिया।
मैंने कहा, “एक दिन मेरे पास आ जाओ! मैं अपनी शर्म को दूर करूँगा! अगर थकान पूरी तरह से दूर नहीं हुई तो बताओ!”
“मेरे पति मुझे कभी ठीक से संतुष्ट नहीं कर पाए! आप किसी खेत में मूली हैं?“चैलेंज कर रही हो?” मैंने पूछा। सावधान रहो! तुम्हें अपनी सुहागरात याद नहीं आई तो बताओ!”
“जब मेरे पति बाहर जाएँगे, मैं बोलूँगी, तब आ जाना!” उसने कहा। देखो, तुममें कितना साहस है!”
आपको बता दूँ कि उसकी शादी को अभी सिर्फ दो साल हुए हैं और उसका कोई बच्चा नहीं है।
मैंने अब सोचा कि उसके घर कैसे जाऊँ।
मेरे मन में एक विचार आया। मैं कार्यालय से सीधे उसके घर गया।
उसने मुझे बहुत प्यार दिया।
मजाक करते हुए मैंने कहा, “भाभी, मैं तो ठंडा होने आया हूँ!”
बातों-बातों में मैंने उसकी चुनौती की याद दिलाई।
“नहीं, मैंने तो मजाक में कहा!मैंने कहा, "मैंने तो सीरियस ले लिया!" अब कार्रवाई होनी चाहिए!”
उसका हाथ पकड़कर मैंने उसे सोफे पर बिठाया।
धीरे-धीरे उसके हाथों और गाल चूमने लगा।
वह पहले संकुचित और शरमाती रही, लेकिन मैं बार-बार कहने पर मान गई।
उसके कपड़े धीरे-धीरे उतरते चले गए।
मैंने ब्रा और पेटीकोट को छोड़कर बाकी सब उतार दिया।
इसी समय वह भी खुलने लगी।
“यहाँ मज़ा नहीं आएगा! हम बेडरूम में जाते हैं।”
हम दोनों बिस्तर पर चले गए।
वहाँ उसने मेरी पोशाक उतारने लगी; मैंने अपने अंडरवियर को छोड़कर बाकी सब कुछ उतार दिया।
धीरे-धीरे मैंने भाभी के सारे कपड़े उतारकर उन्हें पूरी तरह से नंगी कर दिया।
मैं उनके चूचे एक हाथ से दबाता रहा और दूसरे हाथ की एक उंगली उनकी चूत में डालकर उंगली करता रहा।
उससे रहा नहीं गया, उसने मेरा अंडरवियर उतार दिया और मेरे खड़े लंड को देखते ही चिल्लाई, “बाप रे! इतना भारी और बड़ा!"उस दिन भी तो तुमने देखा था, जब तुम घर आई थीं और मैं तेल लगा रहा था!" मैंने कहा।”
“हाँ, लेकिन ठीक से नहीं दिखा!“क्या तुम्हारे पति इतना मोटा नहीं है?” मैंने पूछा।”
“नहीं, तुमसे पतला है!“मेरा लंड मुँह में लो!” मैंने कहा।”
वह रोने लगी।
मैं जानता था कि औरतें मुँह में आसानी से नहीं लेतीं।
मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चोदना शुरू किया।
कुछ ही देर में वह मजबूर हो गई और मेरा वीर्य चूसने लगी।
बाद में उसने कहा कि मेरी बीवी मुझे सेक्स में क्या करता हूँ और क्या करवाता हूँ सब बताती है।
वह इतने उत्तेजित होकर मेरे लंड को चूसने लगी कि मैं झड़ गया और उसके मुँह में सारा माल गिर गया।
वह तुरंत उठकर बाथरूम गई और वापस आई।
जब मैं गिर गया, मैं जानता था कि फिर से खड़ा होने में पांच मिनट लगेंगे।
“भाभी, एक राउंड तो माल निकल चुका है! कुछ चाय या कॉफी पिलाओ! इसके बाद ज़मकर चुदाई करेगा!”
भाभी कपड़े पहनने लगी और हँसने लगी।
मैंने पूछा: "क्यों?" दोबारा उतारने का प्रयास करेंगे?“तो क्या, मैं सिर्फ नंगी कॉफी बनाऊँ?” उसने पूछा।“हाँ, बिल्कुल!”
वह अकेले चली गई और कॉफी बनाकर लाया।
हम दोनों ने कॉफी एक साथ पी।
मैं फिर से तैयार हो गया था।
वह मेरा लंड मुँह में लेकर फिर से उसकी चूत चूसने लगी।
मैंने उसे बताया, "जब चूत छोटी हो, तो जितना ज्यादा लंड चूसती हो, उतना कम दर्द होता है!"“भाभी हँसने लगी।”
मैंने उसे इतना गर्म कर दिया कि उसने अपने आप से कहा, “यार, अब मत तड़पाओ! तुरंत अपलोड करें!“क्या डाल दूँ?” मैंने पूछा।”
अब वह पूरी तरह से खुल चुकी थी।
“अपना लंड डाल दो!”
मैंने उसे नीचे लिटाकर उसके चूत के ऊपर अपना लंड घिसने लगा।
उस व्यक्ति को ही इसके परिणामों का पता है।
इतने में भाभी की चूत से पानी निकलने लगा।
उसने मुझे कसकर पकड़ लिया, जिससे मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया।
लेकिन मेरा लंड उसके पति से मोटा था, इसलिए भाभी को दर्द हुआ जब पूरा लंड अंदर गया।
भाभी सामान्य होने लगी।
मैंने सोचा कि अब चुदाई शुरू कर देनी चाहिए।
फिर मैंने भाभी को 10 मिनट तक उसी स्थिति में चोदा।
तब तक, भाभी बहुत थक चुकी थी।
“बस, अब जल्दी से अपना रस निकालो!” उसने कहा।”
“भाभी, एक बार कुतिया बन जाओ ना! मैं जल्दी भाग जाऊँगा!वह तुरंत डॉगी शैली में बदल गई।
भयभीत होकर उसने कहा, “इसमें नहीं!”
उस दिन मैंने उसकी गांड छोड़ दी, लेकिन उसने कहा, "किसी दिन इसकी भी खातिरदारी करूँगा!”
फिर मैं उसे दस मिनट तक डॉगी स्टाइल में चोदा।
भाभी ने दूसरी बार झड़प की।
मैं भी ताबड़तोड़ झटके देने लगा।
जब मैं बाहर निकलने वाला था, मैंने पूछा, "भाभी, कहाँ निकालूँ?“अंदर ही छोड़ दो!” उसने कहा।”
मैं भाभी की चूत में अपना सारा माल डाल दिया।
इसके बाद मैं अपने घर गया।
अगली कहानी में मैं आपको बताऊँगा कि मैंने भाभी की पूरी रात चुदाई की और उनकी गांड फाड़ी।
अपने प्यारे पाठक भाइयों को कुछ सुझाव:
“कुंवारी को न छेड़िए, चूत पर घमंड करे, चूदी चोदिए, जो लपक के लेवे लंड!”
मेरी पत्नी की हॉट फ्रेंड सेक्स कहानी आपको कैसी लगी?
Antar Vasna