हॉस्टल की रातों में रूममेट को चोदा – Hindi Gay Sex Story

कॉलेज हॉस्टल में रूममेट के साथ गे सेक्स – पहली बार लंड चूसने और गांड में लेने की उत्तेजक हिंदी गे कहानी।

मेरा नाम आर्यन है। उम्र 21 साल। मैं दिल्ली के एक नामी इंजीनियरिंग कॉलेज में थर्ड ईयर का स्टूडेंट हूँ। हॉस्टल में रहता हूँ। मैं 5'10" लंबा हूँ, अच्छी एथलेटिक बॉडी है, फेयर कलर और शार्प फीचर्स। ज्यादातर लोग मुझे सीधा समझते थे, लेकिन सच ये था कि मुझे लड़के ज्यादा आकर्षित करते थे।

फिर आया विवान। विवान मेरा रूममेट बना। 20 साल का, 6 फुट लंबा, जिम किया हुआ शरीर, ब्रॉड शोल्डर्स, V-शेप्ड बॉडी, हल्की दाढ़ी और गहरी भूरी आँखें। वो राजस्थान से आया था। पहली मुलाकात में ही मेरी नजर उसके मजबूत सीने और टाइट थाईज पर अटक गई थी।

शुरुआत में सब नॉर्मल था — पढ़ाई, क्रिकेट, लेट नाइट मूवीज। लेकिन धीरे-धीरे हम एक-दूसरे के करीब आने लगे। रात को लाइट ऑफ होने के बाद बातें लंबी होने लगीं। कभी-कभी वो सिर्फ शॉर्ट्स में सोता, उसकी छाती और एब्स दिखते। मैं चुपके से उसे देखता और अंदर ही अंदर गर्म हो जाता।

पहली रात का जादू

एक रात बारिश बहुत तेज हो रही थी। लाइट चली गई। हॉस्टल में सिर्फ इमरजेंसी लाइट जल रही थी। हम दोनों बेड पर लेटे थे। विवान ने कहा, “यार आर्यन, ठंड लग रही है।”

मैंने हिम्मत करके कहा, “आजा, पास आकर सो ले।”

वो मेरे बेड पर आ गया। हम दोनों एक चादर में लिपट गए। उसकी गर्म साँसें मेरे गले पर पड़ रही थीं। अचानक उसका हाथ मेरी कमर पर आ गया। मैं सिहर गया।

“आर्यन…” उसने धीमी आवाज में कहा, “मुझे तुम बहुत पसंद हो।”

मैंने जवाब में कुछ नहीं कहा, बस उसकी तरफ मुड़ा और उसके होंठों को चूम लिया। हमारा पहला किस बहुत धीमा, sensual और गहरा था। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुस गई। हम एक-दूसरे को चूस रहे थे। उसके हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे।

मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी। उसके परफेक्ट सिक्स पैक और चौड़ी छाती सामने थी। मैंने उसके निप्पल्स चूसने शुरू कर दिए। विवान कराह उठा, “आह्ह… आर्यन… और जोर से…”

उसने मेरी शर्ट भी उतार दी और मुझे चूमने लगा। उसकी जीभ मेरी गर्दन, छाती, पेट पर घूम रही थी। फिर उसने मेरी शॉर्ट्स खींचकर नीचे की। मेरा लंड पहले से ही पूरा खड़ा था।

विवान ने मुस्कुराते हुए कहा, “कितना मोटा है यार…” और बिना हिचकिचाए मुंह में ले लिया।

“उफ्फ्फ…” मैं कराह उठा। वो बहुत अच्छा सuck कर रहा था। गला तक ले जा रहा था, फिर बाहर निकालकर टॉप चूस रहा था। कभी-कभी मेरे अंडकोष चूसता। मैं उसके बाल पकड़कर उसका सिर दबा रहा था।

10 मिनट तक वो मुझे चूसता रहा। फिर मैंने उसे पलट दिया। उसकी टाइट, गोल, सफेद गांड सामने थी। मैंने थूक लगाया और अपनी उंगली धीरे से अंदर डाली। विवान सिसकारिया, “धीरे… पहली बार है…”

मैंने धीरे-धीरे फिंगरिंग की, फिर दो उँगलियाँ। जब वो तैयार हो गया तो मैंने अपना लंड उसके गांड पर रखा और धीरे से दबाया।

“आआह्ह्ह… आर्यन…” वो दर्द से कराहा।

मैं रुका नहीं। धीरे-धीरे पूरा लंड उसकी टाइट गांड में उतार दिया। गर्मी और टाइटनेस का अहसास कमाल का था। मैंने धीमी गति से चुदाई शुरू की। हर ठोके के साथ वो और ज्यादा मोन कर रहा था।

“और तेज… चोदो मुझे… मैं तुम्हारा हूँ…” विवान कह रहा था।

मैंने स्पीड बढ़ा दी। अब जोर-जोर से ठोक रहा था। पूरा हॉस्टल सो रहा था, सिर्फ हमारे कराहने और शरीरों की टकराहट की आवाज आ रही थी। मैंने उसे डॉगी स्टाइल में चोदा, फिर मिशनरी में। उसके पैर अपने कंधों पर रखकर गहराई तक लंड घुसा रहा था।

आखिरकार मैं झड़ने वाला था। “विवान… अंदर डालूँ?” “हाँ… भर दो मुझे…”

मैंने अपनी गरम वीर्य की धार उसकी गांड के अंदर छोड़ दी। साथ ही वो भी झड़ गया। हम दोनों पसीने से तर, एक-दूसरे से चिपके पड़े रहे।

उसके बाद की रातें

उस रात के बाद हमारा अफेयर शुरू हो गया। हॉस्टल की हर रात sensual बन गई।

कभी हम शावर में साथ नहाते। मैं उसे दीवार से सटाकर पीछे से चोदता। पानी की धार के बीच उसकी मोन्स दब जातीं। कभी वो मुझे blowjob देता, मैं उसके बाल पकड़कर मुंह चुदाई करता।

एक रात हॉस्टल की छत पर हमने किया। पूरा शहर नीचे दिख रहा था। विवान रेलिंग पकड़े खड़ा था, मैं पीछे से उसे चोद रहा था। ठंडी हवा और हमारी गर्म साँसें… कमाल का अनुभव था।

धीरे-धीरे हम और बोल्ड होते गए। कभी-कभी दूसरे रूममेट्स के सो जाने के बाद हम 69 पोजीशन में एक-दूसरे को चूसते। कभी वो मेरे ऊपर बैठकर खुद अपनी गांड में लंड लेता और उछलता।

एक यादगार रात थी — जब पूरा हॉस्टल फंक्शन में गया था। हम अकेले थे। मैंने विवान को पूरा नंगा करके बेड पर लिटाया। पहले उसके पूरे शरीर पर किस किए, फिर ऑयल लगाकर मसाज किया। उसके बाद मैंने उसे चारों तरफ से चोदा — मुंह, गांड, और हाथों से।

विवान बार-बार कहता, “आर्यन… मुझे तुमसे प्यार हो गया है।”

मैं भी उसे चूमकर कहता, “मुझे भी… तू मेरा है।”

कॉलेज खत्म होने तक हमने हॉस्टल की हर जगह — बाथरूम, बालकनी, छत, यहाँ तक कि लाइब्रेरी के पीछे भी — अपना प्यार और हवस मनाई।

ये थी हमारी गुप्त, sensual और बेहद हॉट गे लव स्टोरी।