AC की ठंडी हवा में भाभी की गर्म चूत चुदाई - Bhabhi Sex Story in Hindi

एसी की ठंडी हवा में भाभी की गर्म चूत चुदाई – पढ़िए कैसे पड़ोस की सेक्सी भाभी को AC के कमरे में ले जाकर उसके बड़े बूब्स, टाइट चूत और गोल गांड को जोरदार तरीके से चोदा गया। फोरप्ले, blowjob और multiple rounds वाली गर्म हिंदी सेक्स स्टोरी।

AC की ठंडी हवा में भाभी की गर्म चूत चुदाई - Bhabhi Sex Story in Hindi

मेरा नाम निशांत है, उम्र 24 साल। मैं दिल्ली के एक पॉश इलाके में रहता हूँ। मैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुका हूँ और अभी फ्रीलांस काम करता हूँ। हमारे पड़ोस में रहती हैं साक्षी भाभी। उम्र 29 साल, लेकिन इतनी खूबसूरत और सेक्सी कि कोई भी 25 साल से ज्यादा नहीं कह सकता।

भाभी का फिगर सपनों जैसा है — 36-28-38। भरे-भरे गोरे बूब्स, पतली कसी हुई कमर, गोल-मटोल निचली कमर और लहराती हुई मोटी गांड। लंबे काले घने बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, गुलाबी होंठ और हमेशा हल्की-हल्की मुस्कान। भाभी ज्यादातर साड़ी ही पहनती थीं, कभी-कभी नाइट सूट। उनके पति (अंकल) जॉब के सिलसिले में पिछले 8 महीने से दुबई में थे। इसलिए भाभी दिनभर अकेली रहती थीं।

शुरूआत

जून का महीना था। दिल्ली में भयंकर गर्मी पड़ रही थी। एक दोपहर भाभी का फोन आया।

“निशांत बेटा, घर का AC अचानक बंद हो गया है। बहुत गर्मी हो रही है, क्या आकर देख सकते हो?”

मैं तुरंत तैयार होकर चला गया। भाभी ने दरवाजा खोला तो मेरी साँस अटक गई। उन्होंने हल्का पीच कलर का शॉर्ट नाइट सूट पहना हुआ था। बिना ब्रा के उनके बड़े बूब्स नाइट सूट के अंदर से साफ झांक रहे थे। निप्पल्स की हल्की आउटलाइन दिख रही थी।

“आओ निशांत, अंदर आओ। बहुत गर्मी है,” उन्होंने कहा और मुस्कुराईं।

मैं AC की मशीन चेक करने लगा। भाभी मेरे ठीक पीछे खड़ी थीं। उनकी साँस मेरी गर्दन को छू रही थी। 20 मिनट की मेहनत के बाद AC चल पड़ा। ठंडी-ठंडी हवा कमरे में फैलने लगी।

भाभी ने राहत की साँस ली, “अरे वाह! कितनी अच्छी ठंडक है। निशांत, थोड़ी देर बैठो ना। मैं तुम्हारे लिए कोल्ड ड्रिंक लाती हूँ।”

हम दोनों बेडरूम में बेड पर बैठ गए। AC की ठंडी हवा सीधे हमारे शरीर पर पड़ रही थी। भाभी का नाइट सूट हवा में हल्का-हल्का उड़ रहा था, जिससे उनकी जाँघें और कमर दिख रही थी।

मैं हिम्मत करके बोला, “भाभी, आप आज बहुत खूबसूरत लग रही हैं।”

भाभी शर्मा गईं, लेकिन आँखों में शरारत थी। उन्होंने मेरी जाँघ पर हाथ रख दिया और धीरे से बोलीं, “निशांत… सच बताऊँ? भैया गए हुए 8 महीने हो गए हैं। मुझे बहुत अकेलापन लगता है… और बहुत… हवस भी।”

मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने उनका हाथ पकड़ा और अपनी तरफ खींच लिया। हम दोनों एक-दूसरे को देख रहे थे। अगले ही पल मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।

हमारा किस जुनूनी था। मैं उनकी निचली होंठ चूस रहा था, वो मेरी ऊपरी। हमारी जीभें एक-दूसरे से खेल रही थीं। AC की ठंडी हवा हमारे गर्म चेहरों पर पड़ रही थी, जो मजा दोगुना कर रही थी।

मैंने उनका नाइट सूट ऊपर किया। उनके बड़े-बड़े गोरे बूब्स बाहर आ गए। मैंने दोनों हाथों से दबाए और चूसने लगा। भाभी कराह रही थीं — “आह्ह… निशांत… बहुत अच्छा लग रहा है… जोर से चूसो… काटो उन्हें…”

मैं उनके निप्पल्स को चूसता, काटता, जीभ से घुमाता। भाभी मेरे बालों में उँगलियाँ फिरा रही थीं।

फिर मैं नीचे उतरा। उनकी पैंटी में बड़ा सा गीला धब्बा था। मैंने पैंटी उतारी। उनकी चूत पूरी तरह गीली और सूजी हुई थी। मैंने अपनी जीभ से पूरी चूत चाटनी शुरू की। क्लिट पर जोर-जोर से चूसने लगा। भाभी पागल हो रही थीं।

“आह्ह… निशांत… क्या कर रहे हो… मैं मर जाऊँगी… हाँ… और अंदर… जीभ डालो अंदर…”

मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में डाल दी और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। भाभी की टाँगें काँप रही थीं। 8-10 मिनट में वो पहली बार झड़ गईं। उनका गर्म रस मेरे मुंह में भर गया।

भाभी ने मुझे ऊपर खींचा और जोर से किस किया। फिर उन्होंने मेरी शॉर्ट्स उतार दी। मेरा 7.5 इंच का मोटा, खड़ा लंड बाहर आ गया। भाभी ने उसे देखकर कहा, “भगवान! इतना मोटा और लंबा… आज मेरी चूत फट जाएगी।”

उन्होंने लंड मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं। गला तक ले जा रही थीं। कभी-कभी लंड को थूक से गीला करके हाथ से भी हिला रही थीं। मैं उनके बाल पकड़कर उनका मुंह चोद रहा था।

“भाभी… बहुत अच्छा कर रही हो… चूसो… और चूसो…”

थोड़ी देर बाद मैंने उन्हें बेड पर लिटाया। उनकी टाँगें फैलाईं और अपना लंड उनकी चूत के मुंहाने पर रखा। धीरे-धीरे दबाया।

“आआह्ह्ह… निशांत… धीरे… बहुत मोटा है… आह्ह…” भाभी दर्द और मजे से कराह रही थीं।

मैंने आधा लंड अंदर किया, फिर पूरा। AC की ठंडी हवा और हमारी गर्म चुदाई का कॉम्बिनेशन कमाल का था। मैंने धीमी गति से चुदाई शुरू की। हर ठोके के साथ भाभी की मोन बढ़ रही थी।

धीरे-धीरे मैं तेज होता गया। अब जोर-जोर से ठोक रहा था। भाभी चिल्ला रही थीं — “हाँ… और तेज… फाड़ दो मेरी चूत… चोदो अपनी भाभी को… आह्ह… निशांत… बहुत मजा आ रहा है… और गहराई तक… हाँ… हाँ…”

मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में किया। उनकी गोल-मटोल गांड पकड़कर पीछे से जोरदार ठोके मार रहा था। AC की ठंडी हवा उनकी पीठ और मेरे शरीर पर पड़ रही थी।

फिर मैं लेट गया, भाभी ऊपर आईं। उन्होंने अपना घुटना मोड़कर मेरे लंड पर बैठ गईं और उछल-उछलकर चुदाई करने लगीं। उनके बड़े बूब्स उछल रहे थे। मैं नीचे से ठोके मार रहा था।

हमने कुल 4 राउंड किए। आखिरी राउंड में मैंने उन्हें खड़े-खड़े चोदा — दीवार से सटाकर। भाभी की एक टाँग मैंने उठा रखी थी।

आखिरकार मैं झड़ा — “भाभी… अंदर डाल रहा हूँ…” “हाँ… भर दो… मेरी चूत तुम्हारी है…”

मैंने अपनी गरम वीर्य की कई धारें उनकी चूत के अंदर छोड़ दीं। भाभी भी साथ में झड़ गईं।

हम दोनों AC की ठंडी हवा में एक-दूसरे से लिपटे पड़े रहे। भाभी ने मेरे कान में फुसफुसाया, “आज के बाद जब भी मन करे, आ जाना… मैं इंतजार करूँगी।”

उस दिन के बाद हमने AC रूम में, बालकनी में, शावर में — कई बार और कई तरीकों से चुदाई की।